सादड़ी/गोडवाड ज्योती: पर्यटन विभाग, जिला प्रशासन व नगरपालिका के संयुक्त प्रयास व मेजबानी में गोडवाड व राणकपुर जवाई बांध महोत्सव का शुभारंभ किया गया, जिसके तहत राजस्थानी व मारवाड़ी संस्कृति से ओतप्रोत रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम सहित विविध प्रतिस्पर्धात्मक प्रयोग किये गए| जिला कलक्टर कुमारपाल गौतम, पर्यटन विभाग उपनिदेशक भानुप्रताप, देसूरी एसडीएम राजेश मेवाड़ा,राणकपुर पेढ़ी वरिष्ठ प्रबन्धक धर्मेन्द्र नन्दवाना सहित सीएससी प्रभारी डॉ. राजेन्द्र पुनमिया, आशुतोष आचार्य ने नलवाणिया बांध में दीपदान कर कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया। महोत्सव के पहले दिन सूर्यमन्दिर प्रांगण में योगा प्रशिक्षक के नेतृत्व में संगीतमय योगा, प्राणायाम करने के बाद राणकपुर तीर्थकर नेचर ट्रेल पर पैदल ट्रेकिग की|
रणकपुर महोत्सव में सूर्यमन्दिर मुक्ताकाशी रंगमंच पर पाली के बावले छोरे हास्य कलाकार संकल्प शर्मा, जोधपुर के राजेन्द्र परिहार ने शहनाई वादन, पादरला की दर्गादेवी व पूजा कामड़ ने राजस्थानी गीत पर तेरहताली नृत्य, जोधपुर के पासरनाथ ने कालबेलिया, अलवरी के बन्नेसिंह ने रिमभवई नृत्य, जैसलमेर से आये तगाराम भील ने अलगोजा वादन, दीपक कुमार, विष्णुदत्त शर्मा, जयपुर के बनवारीलाल कचौलिया ने कच्छीघोडी नृत्य व बांदीकुई के मेहबूब खां ने बहूरूपियां, गेर नृत्य कलाकार तगाराम ने श्वेत जत्था गेर, दिलीप व उम्मेदराम ने लालआंगी गेर आदि अनेक कलाकारों ने यादगार प्रस्तुतियां दी एवं रस्सा-कस्सी, गोडवाड़श्री, मूंछ का ताव, साफा बंधन आदि प्रतियोगिताएं का आयोजन किया गया| हालाँकि व्यापक प्रचार-प्रसार अभाव में हर साल की भांति इस बार देशी-विदेशी पर्यटकों की संख्या कम रही| वहीँ राष्ट्रीय या अंतरराष्ट्रीय कलाकार की कमी दिखी और कार्यक्रम समय पर ना होने से कलाकारों में नाराजगी भी देखी गई| ज्ञात हो कि इससे पूर्व जिला कलेक्टर कुमार पाल गौतम की अध्यक्षता में जिला स्तरीय पर्यटन समिति की बैठक में पर्यटन को प्रोत्साहित करने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय किए गए थे, जिसमें प्रमुख रुप से कला व संस्कृति को उजागर करने व पर्यटन प्रोत्साहन के लिए प्रतिवर्ष आयोजित होने वाला राणकपुर महोत्सव 27 व 28 अक्टूबर को आयोजित करने की घोषणा की गई थी| साथ ही राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित टोल नाका को टूरिस्ट एन्ट्री पोईंट के रूप में विकसित करने, जिले के पर्यटन तथा ऐतिहासिक स्थलों व पर्यटन आकर्षण केन्द्रों सहित जवाई बांध एवं वहां अभयारण्य जीवन के होर्डिंग लगाने और जवाईबांध के एक हिस्से को वाटर पार्क की तरह विकसित करने सहित प्रचार-प्रसार हेतु टूरिस्ट ट्रेवल ऑपरेटर, होटल व्यवसायी, फोटोग्राफर व वीडियोग्राफर की डायरेक्ट्री बनाने आदि की योजना की गई थी|

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