Thursday, January 12, 2017

भायंदर निवासी जैन पत्रकार दिनेश कोठारी के खिलाफ अपराधिक मामले में विक्रोली कोर्ट द्वारा जारी गिरफ्तारी वारंट अगली सुनवाई तक स्थगित ..



गोडवाड ज्योति/ विक्रोली कोर्ट परिसर : भायंदर निवासी जैन पत्रकार  दिनेश कोठारी पर विक्रोली कोर्ट में दर्ज भारतीय अपराध संहिता के N I A की धरा 138A के अंतर्गत दर्ज मुकद्दमे की तारीख 10 जनवरी 20017 को तय समय के अनुसार दोपहर 3-00 कोर्ट में हाजिर न होने पर एडवोकेट श्री शेट्टी पर प्रतिवादी दिनेश कोठारी के विरुद्ध गिरफ़्तारी का वारंट जारी करने की मांग की और मनानिय न्यायाधीश महोदय ने उनकी मांग को कानून के अंतर्गत मान्य कहते हुए गिरफ्तारी वारंट जारी करने का आदेश पारित किया| तत्पस्च्यात करीब 4.00 बजे दिनेश कोठारी के वकील श्री जैन कोर्ट रूम में दाखिल हुए और उन्होंने न्यायाधीश महोदय से निवेदन किया और उनके देरी आने की माफ़ी मांगी और कहा दिनेश कोठारी आज कोर्ट में हाजिर नहीं हो सकते है और कहा कोर्ट उनकी स्वयं हाजरी को मान्य करे और गिरफ्तारी वारंट रद्द करने की मांग की| चूँकि आदेश जारी हो चूका था और दिनेश कोठारी भी उपस्थित नहीं थे तो माननीय न्यायाधीश महोदय ने गिरफ़्तारी वारंट रद्द करने में असमर्थता जताई, और श्री जैन वकील की जिरह को मान देते हुए उन्होंने वारंट कार्यवाही को अगली तारीख तक ( 2 मार्च २०१७ ) तक स्थगित करते हुए कहा की यदि दिनेश कोठारी अगली तारीख को हाजिर नहीं हुए तो वारंट को कार्यवाही के लिए भेज दिया जाएगा |

गोडवाड ज्योति संवाददाता श्रीपाल जैन





Wednesday, January 11, 2017

नोटबंदी के दौर में आई गुलाबी नोटों वाली यह साड़ी, काफी है डिमांड

सूरत
नोटबंदी के बाद नए नोटों को लेकर एक से बढ़कर एक अनोखी कहानियां सामने आ रही हैं। कहीं कॉलेज स्टूडेंट नोटबंदी के समर्थन में फैशन शो कर रहे हैं तो कहीं कैशलेश गांव की खबरें सुर्खियों में रहती हैं। इस बार सूरत से ही ऐसी एक खबर आई है। केंद्र सरकार ने हाल ही 2 हजार रुपये का गुलाबी नोट जारी किया तो सूरत में एक साड़ी विक्रेता इस नोट की प्रिंटिंग वाली साड़ी सामने ले आया है।
6 मीटर लंबी इस साड़ी में 2 हजार की नोट वाले 504 नोट प्रिंटेड हैं और एक साड़ी की कीमत 160 रुपये है। रेनियल के कपड़े से बनी इस साड़ी को सूरत के एक साड़ी विक्रेता ने पेश किया है। नई करंसी को लेकर साड़ी डिजाइनर तरह-तरह के प्रयोग आजमा रहे हैं। महिलाएं जल्द ही 2 हजार की नोट प्रिंटेड यह साड़ी पहने आपको नजर आ सकती हैं।
साड़ी विक्रेता शिव सैनी इस नए कॉन्सेप्ट के साथ बाजार में आए क्योंकि वह कुछ नया आजमाना चाहते थे। शिव के मुताबिक, 2 हजार के नोट वाली इस साड़ी के पहले पीएम नरेंद्र मोदी के चेहरे वाली साड़ी भी बाजार में आई थी। इसके बाद ही 2 हजार की नई करंसी साड़ी पर प्रिंट करने का आइडिया आया।
सैनी की मानें तो इस साड़ी की उत्तर प्रदेश, मणिपुर, पंजाब, गोवा और उत्तराखंड से खूब डिमांड आ रही है। बता दें कि इन पांचों राज्यों में आगामी कुछ महीनों में विधानसभा चुनाव होने हैं। नोटबंदी को लोगों ने स्वीकार किया हो या नहीं किया हो, लेकिन व्यापारियों ने अपने बिजनस और मुनाफे के लिहाज से इसका बखूबी इस्तेमाल किया है।

दिन में बिजली की मांग को लेकर किसानो का विद्युत विभाग पर लापरवाही व उदासीनता का आरोप व धरना प्रदर्शन

कालन्द्री/गोडवाड ज्योती: 28 दिसंबर को कालन्द्री उप तहसील मुख्यालय पर किसानो की आम सभा हुई, जिसमें कस्बे समेत वलदरा, सरतरा, सिलोईया, वराल, चडवाल, फाचरीया, तंवरी, मोहब्बतनगर,पाडीव आदी गांवों के सैकडो किसानो ने सभा मे भाग लेकर विद्युत विभाग की लाफरवाही व उदासीनता पर जमकर नाराजगी जताते हुये धरना प्रदर्शन किया। इस दौरान विभाग के खिलाफ नारेबाजी करते हुये किसान नेता शंकरलाल प्रजापत, गंगासिह राठौड, जब्बरसिह देवडा, चेलाराम पुरोहित आदी ने सभा को संबोधित करते हुये किसानो की समस्या सामने रखी। साथ ही मौके पर पटवारी मौके पर मौजूद नही होने से किसानो को भारी मुश्किले झेलनी पड रही है। इस पर नायब तहसीलदार ने सभी पटवारीयो को मुख्यालय पर रहने की शीघ्र व्यवस्था करने का आश्वासन दिया। इसके पश्चात क्षेत्र के सभी किसान भारत माता की जयकारो के साथ विद्युत विभाग कार्यालय पहुंचे और विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और वर्तमान बिजली आपूतिॅ को दिन मे करने की मांग की| साथ ही घरेलु बिजली बिलो मे हो रही गडबडी को ठीक कर आम जनता व काश्तकारो को राहत प्रदान करने की मांग की। परिसर मे किसानो ने सभा रख कर सहायक अभियंता शंभूसिंह राव को मौके पर बुलाकर किसानो ने अपनी विभिन्न समस्या विभाग के सामने रखी। साथ ही दिन मे कृषि बिजली देने की मांग की| जिसमें विभाग द्वारा दिन मे बिजली देने के साथ अन्य समस्याओ के शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया गया। 
सुरेश जुगनू

गोडवाड व राणकपुर महोत्सव में दिखी रंगीले राजस्थान की झांकी पर आयोजन रहा बेरंग

सादड़ी/गोडवाड ज्योती: पर्यटन विभाग, जिला प्रशासन व नगरपालिका के संयुक्त प्रयास व मेजबानी में गोडवाड व राणकपुर जवाई बांध महोत्सव का शुभारंभ किया गया, जिसके तहत राजस्थानी व मारवाड़ी संस्कृति से ओतप्रोत रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम सहित विविध प्रतिस्पर्धात्मक प्रयोग किये गए| जिला कलक्टर कुमारपाल गौतम, पर्यटन विभाग उपनिदेशक भानुप्रताप, देसूरी एसडीएम राजेश मेवाड़ा,राणकपुर पेढ़ी वरिष्ठ प्रबन्धक धर्मेन्द्र नन्दवाना सहित सीएससी प्रभारी डॉ. राजेन्द्र पुनमिया, आशुतोष आचार्य ने नलवाणिया बांध में दीपदान कर कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया। महोत्सव के पहले दिन सूर्यमन्दिर प्रांगण में योगा प्रशिक्षक के नेतृत्व में संगीतमय योगा, प्राणायाम करने के बाद राणकपुर तीर्थकर नेचर ट्रेल पर पैदल ट्रेकिग की| 
रणकपुर महोत्सव में सूर्यमन्दिर मुक्ताकाशी रंगमंच पर पाली के बावले छोरे हास्य कलाकार संकल्प शर्मा, जोधपुर के राजेन्द्र परिहार ने शहनाई वादन, पादरला की दर्गादेवी व पूजा कामड़ ने राजस्थानी गीत पर तेरहताली नृत्य, जोधपुर के पासरनाथ ने कालबेलिया, अलवरी के बन्नेसिंह ने रिमभवई नृत्य, जैसलमेर से आये तगाराम भील ने अलगोजा वादन, दीपक कुमार, विष्णुदत्त शर्मा, जयपुर के बनवारीलाल कचौलिया ने कच्छीघोडी नृत्य व बांदीकुई के मेहबूब खां ने बहूरूपियां, गेर नृत्य कलाकार तगाराम ने श्वेत जत्था गेर, दिलीप व उम्मेदराम ने लालआंगी गेर आदि अनेक कलाकारों ने यादगार प्रस्तुतियां दी एवं रस्सा-कस्सी, गोडवाड़श्री, मूंछ का ताव, साफा बंधन आदि प्रतियोगिताएं का आयोजन किया गया| हालाँकि व्यापक प्रचार-प्रसार अभाव में हर साल की भांति इस बार देशी-विदेशी पर्यटकों की संख्या कम रही| वहीँ राष्ट्रीय या अंतरराष्ट्रीय कलाकार की कमी दिखी और कार्यक्रम समय पर ना होने से कलाकारों में नाराजगी भी देखी गई| ज्ञात हो कि इससे पूर्व जिला कलेक्टर कुमार पाल गौतम की अध्यक्षता में जिला स्तरीय पर्यटन समिति की बैठक में पर्यटन को प्रोत्साहित करने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय किए गए थे, जिसमें प्रमुख रुप से कला व संस्कृति को उजागर करने व पर्यटन प्रोत्साहन के लिए प्रतिवर्ष आयोजित होने वाला राणकपुर महोत्सव 27 व 28 अक्टूबर को आयोजित करने की घोषणा की गई थी| साथ ही राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित टोल नाका को टूरिस्ट एन्ट्री पोईंट के रूप में विकसित करने, जिले के पर्यटन तथा ऐतिहासिक स्थलों व पर्यटन आकर्षण केन्द्रों सहित जवाई बांध एवं वहां अभयारण्य जीवन के होर्डिंग लगाने और जवाईबांध के एक हिस्से को वाटर पार्क की तरह विकसित करने सहित प्रचार-प्रसार हेतु टूरिस्ट ट्रेवल ऑपरेटर, होटल व्यवसायी, फोटोग्राफर व वीडियोग्राफर की डायरेक्ट्री बनाने आदि की योजना की गई थी|

जीवन ज्योत कैंसर रिलीफ एंड केयर ट्रस्ट के संगीतमय कार्यक्रम में बच्चों ने लगाई ‘मस्ती की पाठशाला’

मुंबई/गोडवाड ज्योती: किसी को बिना किसी कारण के खुश करना इस दुनिया की सबसे पुरस्कृत भावनाओं में से एक भावना है और ऐसी विरल भावना विरल व्यक्तित्व के धारक ही कर पाने में सक्षम होते हैं| ऐसी ही छवि के धनी जीवन ज्योत ट्रस्ट के संयोजक श्री हरखभाई सांवला द्वारा कैंसर जैसी भयावह बीमारी से जूझते जीवन ज्योत बाल विकास मंच के मासूम चेहरों पर कुछ पल के लिए मुस्कुराहट लाने के लिये मनोरंजन संगीत कार्यक्रम का आयोजन 24 दिसम्बर को भाटणकर स्कुल-परेल के हॉल में किया गया। विदित हो कि जीवन ज्योत ट्रस्ट पिछले 32 वर्षों से कैंसर से लड़ते लोगों के लिए जाति-धर्म से परे सभी के लिए कार्य कर रहा है। मानव सेवा को संपूर्ण रूप से समर्पित ट्रस्ट द्वारा प्रतिदिन सैंकड़ो कैंसर मरीजो के परिवार को खाना, कपड़े, खिलौने आदि सहित मासिक दवाइयों का भी वितरण किया जाता है। किसी को अगर कैंसर होता है तो वह इंसान गम और मौत के डर के साए में जीने लग जाता है। किसी भी माता-पिता के लिए यह दुख सहन कर पाना आसान नही है कि उनके बच्चे को कैंसर है। दुनिया भर में बड़ों के मुकाबले बच्चों में कैंसर बहुत कम पाया जाता है लेकिन इस बात को भी झुठलाया नही जा सकता कि हर साल [पूरी दुनिया में] 1,60,000 बच्चों में इस बीमारी का पता चलता है और अमीर देशों में दुर्घटना के बाद यह बीमारी बच्चों की मौत की दूसरी सबसे बड़ी वजह है|
कहते हैं खुश रहने के लिए ज्यादा बड़ी चीजों की जरूरत नही होती, जरूरत होती है एक प्यारे से अहसास की। इसी अहसास को साक्षात करता यह कार्यक्रम शुरुआत से ही चरम पर था| हॉल की सुंदर सजावट में संगीत की सुरीली आवाज के साथ बच्चों ने कई खेलों का मजा लिया| नन्ही अलीशा की प्रार्थना और नृत्य ने सभी का मन मोह लिया| खाने में केक, पावभाजी, मिठाई, चॉकलेट आदि के बाद अनेक तोहफों ने बच्चों को अंत तक उत्साहित रखा| ‘मानव जीवन का सार दुसरो की भलाई में निहित है’ की श्रेष्ठ भावना से कार्यक्रम को यादगार बनाने में निर्मलाजी सांवला, संगीताजी मुणोत, सोनलजी मेहता, प्रग्नाजी जैन, सविताजी मुणोत, डॉ. इंदु, उर्वशी जैन आदि सभी ने अपना योगदान दिया| साथ ही घोषणा की गई कि बच्चों के सर्वांगीण विकास हेतु जल्द ही ‘मस्ती की पाठशाला’ का शुभारंभ किया जायेगा| इन सभी आगामी कार्यक्रमों की जानकारी देते हुए कार्यक्रम की रुपरेखा, संयोजन व संचालन ज्योतीजी मुणोत ने की|

Tuesday, January 10, 2017

मोदी सरकार का निर्देश, कंपनियां लाएंगी 2000 का स्मार्ट फोन!

नई दिल्ली : डिजिटल इकॉनमी को बढ़ावा देने के लिए मोदी सरकार ने एक और अहम् फैसले के तहत स्मार्टफोन कपनियों के साथ मिलाकर सस्ते स्मार्टफोन लाने की योजना पर काम करना शुरू कर दिया है। सरकार ने लोकल हैंडसेट वेंडर्स को फाइनैंशल ट्रांजैक्शंस की सुविधा देने वाले 2,000 रुपये से कम कॉस्ट के स्मार्टफोन लॉन्च करने के लिए कहा है। सरकार का मानना है कि कैशलस इकॉनमी की उसकी योजना तब तक सफल नहीं हो सकती, जब तक ग्रामीण इलाकों तक सस्ते हैंडसेट उपलब्ध न करा दिए जाएं।

क्या है सरकार की योजना
गौरतलब है कि सरकार ने हाल ही में एक मीटिंग बुलाई थी जिसमें स्मार्टफोन बनाने वाली कंपनियों माइक्रोमैक्स, इंटेक्स, लावा और कार्बन ने भाग लिया था। सरकार ने इस मीटिंग में डोमेस्टिक हैंडसेट मेकर्स को ऐसे फोन बनाने के लिए कहा था जिनकी कीमत 2000 रुपए से कम हो। सरकार का कहना है कि जब तक लोगों के पास ऐसे हैंडसेट नहीं होंगे जिनसे डिजिटल ट्रांजेक्शन किए जा सकें उनकी कैशलेस इकॉनमी की योजना में मुश्किलें आती रहेंगी। सरकार का कहना है कि मार्केट में ऐसे समार्टफोन की कमी है जो कि लो बजट हैं और जिन्हें खरीदने और समझने में ग्रामीण भारत के लोग सक्षम नहीं हैं।
उधर मार्केट के जानकारों का कहना है कि सरकार हैंडसेट कंपनियों को सस्ते 2-2.5 करोड़ हैंडसेट पेश करने के लिए जोर तो डाल रही है, लेकिन इसके लिए सब्सिडी नहीं देना चाहती। सरकार ने हैंडसेट कंपनियों को डिजिटल ट्रांजैक्शंस की सुविधा देने वाले फोन की कॉस्ट कम करने के लिए समाधान लाने को कहा है। फिलहाल सरकार का लक्ष्य किसी भी स्थान से फाइनैंशल ट्रांजैक्शंस की सुविधा देना है।
इसके लिए भविष्य में डिवाइसेज में आधार-बेस्ड फाइनैंशल ट्रांजैक्शंस की स्कैनिंग की क्षमता भी होनी चाहिए। बता दें कि इस प्रॉजेक्ट के लिए कई बड़ी चुनौतियों से निपटना होगा। फिंगर प्रिंट स्कैनर, हाई-क्वॉलिटी प्रसेसर्स जैसे फीचर्स के साथ फोन की कॉस्ट कम रखने सबसे बड़ी चुनौती है। बता दें कि ऐपल और सैमसंग जैसी कई बड़ी कंपनियों ने इस मीटिंग में हिस्सा लेने से ही इनकार कर दिया था।

प.पू. गणिवर्यश्री नयपद्मसागरजी म.सा. आदि ठाणा की निश्रा में भगवान पार्श्वनाथ जन्मकल्याणक मनाया गया

मुंबई/गोडवाड ज्योती: समस्त जैन समुदाय को संगठित करने के एकमात्र लक्ष्य को प्रेरित करते हुए JITO,JDF,JCA JAF आदि जैसी अनेक शासन को समर्पित सकारात्मक व सक्रिय अंतर्राष्ट्रीय संस्थाओं सहित ‘JIO’ संस्था के प्रेरक संस्थापक व मार्गदर्शक प.पू. गणिवर्यश्री नयपद्मसागरजी म.सा. एवं विदुषी साध्वीश्री मयणाश्रीजी म.सा. आदि ठाणा की पावन निश्रा में 23वें तीर्थंकर भगवान पार्श्वनाथ के जन्मकल्याणक, दीक्षा कल्याणक धूमधाम से ग्वालियर टैंक के अगस्त क्रांति मैदान में हजारों श्रावक-श्राविकाओं की विशाल उपस्थिति में प्रात: मंगलवेला में हजारों दीपक प्रज्जवलित एवं 108 दीपक की महाआरती कर मनाया गया| तत्पश्चात JIO संस्था के पदाधिकारी आदि की उपस्थिति में JIO लोन का लोकार्पण किया गया, जिसकी जानकारी श्री लोढ़ा ने विस्तारपूर्वक दी और बताया कि यह योजना जैन समुदाय के लिए हर क्षेत्र में उपयोगी साबित होगी|
सभा को संबोधित करते हुए पूज्य गुरुदेव ने कहा कि प्रभु के जन्मकल्याणक निमित्त प्रेरक प्रवचन के साथ जैन समुदाय से अपील की कि मुंबई में जैन समुदाय के 16 लाख वोटर हैं इसलिए आगामी बीएमसी चुनाव 2017 में अपने चुनावी क्षेत्र के प्रतिनिधियों पर मताधिकार का दबाव बनाए| अभी नही तो कभी नही, अब समय आ गया है. अपने अधिकार को पाने का| यूँ हाथ पर हाथ धरकर बैठने से कुछ नही होगा| ज्ञात हो कि इससे पूर्व भी पूज्य गुरुदेव ने जैन समुदाय की चारो धाराओं के श्वेताम्बर, दिगंबर, तेरापंथी और स्थानकवासी को एक मंच पर लाकर सीएम देवेन्द्र फडणवीस के सामने भी अपनी मांग रख चुके हैं|कार्यक्रम में विधायक मंगलप्रभात लोढ़ा, महाराष्ट्र बीजेपी के अध्यक्ष रावसाहब दानवे सहित अनेक राजनितिक एवं सामाजिक संगठनों के अग्रणियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज करवाई|

सेवा के माध्यम से जन-जन तक पहुँचना है उद्देश्य: चाणक्य

भायंदर/गोडवाड ज्योती: संघ विचारक तथा नरेंद्र मोदी विचार मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष रवि चाणक्य ने कहा कि मोदी विचार मंच कोई संस्था नही अपितु परिवार है तथा सेवा के माध्यम से आम जन-जन तक पहुंचना हमारा उद्देश्य है| प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हमारे विचारो के प्रतिनिधि होने के नाते उनकी योजनाओं को हम पुरे भारत भर में हर व्यक्ति तक पहुँचने का प्रयत्न कर रहे हैं तथा भारतमाता व देश का नाम कैसे विश्व शिखर पर प्रतिष्ठित हो, यही हमारा प्रयास है| नोट बंदी के विषय पर उन्होंने कहा कि ये एक साहस का फैसला है| इससे जनता को तकलीफ हुई है, मगर ये फैसला राष्ट्र के हित में है| उन्होंने इस फैसले को लेकर व्यापारियो को कहा कि इससे आने वाले समय में व्यापारियो को लाभ होगा तथा लाल फीताशाही से मुक्ति मिलेगी| कैशलेस पद्दति को लेकर आपने बताया कि कई बार दस का नोट देने पर एक रुपया छुट्टे नही है, ऐसा बताकर लोगो का एक रुपया भी डकार जाते थे, मगर इस पद्दति के बाद आपका रुपया आपके पास रहेगा| नोट बंदी के बाद आंतकवादियो नक्सलवादियो की कमर टूट रही है, जिसको लेकर ऐसी घटनाओं में कमी आई है| नरेंद्र मोदी चमत्कारिक पुरुष है उनके आचरण में देश भक्ति है तथा उनकी हर योजना घर-घर पहुंचे तथा लोगो को इसका लाभ मिल सके और इसी दिशा में मोदी विचार मंच कार्यरत है|
शिवार गार्डन के MP थियेटर में हुए नियुक्ति प्रदान व कार्यकर्त्ता सम्मलेन में विधायक नरेंद्र मेहता, महापौर गीता जैन, IT सेल के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. रमण कुमार, विधार्थी मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष कुमार उत्कर्ष, प्रदेश अध्यक्ष ज्योति मुणोत, महामंत्री मनोज रावल, मीरा-भायंदर जिला अध्यक्ष व्यास कुमार, भाजपा जिला अध्यक्ष हेमंत म्हात्रे, केशव सृष्टी गौशाला के कार्यवाह डॉ. सुशिल अग्रवाल, सामजिक कार्यकर्त्ता सुमन कोठारी, नगरसेवक मदन सिंह, रवि व्यास, दीपिका अरोरा सहित अनेक गणमान्यवर उपस्थित थे| इस कार्यक्रम के दौरान नरेंद्र मोदी विचार मंच IT सेल के पदाधिकारियों को नियुक्ति पत्र भी प्रदान किये गए तथा नोट बंदी पुस्तक का विमोचन भी किया गया| इस कार्यक्रम का संचालन नगरसेविका नयना वसाणी ने किया|

हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं

मीरा-भायंदर भाजपा के उपाध्यक्ष, समाजरत्न, सुप्रसिद्ध मंच संचालक कोसेलाव हाल भायंदर निवासी श्री भरतजी कोठारी को सबर्बन रेलवे यूजर्स कंसल्टेटिव कमेटी (वेस्टर्न रेलवे) के सदस्य बनने पर हार्दिक बधाई एवं ढेर सारी शुभकामनाएं
शुभेच्छुक: गोडवाड ज्योती परिवार

सोजत के रामचन्द्र सांखला कर रहे हैं अमेरिका में परिवार व जिले का नाम रोशन

सोजत/गोडवाड ज्योती: सोजत के 26 वर्षीय रामचंद्र ने ऊंची छलांग लगाने में सफलता हासिल की है| कभी उनके पास पढ़ाई के लिए पैसे नही थे लेकिन आज वें अमेरिका में गूगल के दफ्तर में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रहे हैं। सॉफ्टवेयर इंजीनियर राम को शुरू में गूगल के इंडिया ऑफिस में नौकरी मिली और बाद में उन्हें अमेरिका बुला लिया गया| राम के पिता तेजाराम सांखला सोजत में रहते हैं और आज भी मजदूरी करते हैं| बेटे के बार-बार कहने के बावजूद उन्होंने अपना काम नही छोड़ा है।
सूत्रों द्वारा प्राप्त जानकारी के अनुसार हिंदी माध्यम से पढ़ाई करने वाले राम को 2009 में आईआईटी रुड़की में एडमिशन मिला लेकिन उनका पहला सेमेस्टर और काउंसिलिंग फीस किसी और ने भरी| आस-पास के ही कुछ लोगों ने लैपटॉप खरीदने के लिए भी 30 हजार रुपये जमा किए| सेकंड ईयर में जाकर राम को एजुकेशन लोन मिल पाया। राम की मां रामीदेवी के अनुसार उन्हें शुरू से ही लगता था कि उनका बेटा कुछ अच्छा करेगा| कमाने के बाद राम ने घर पर 1.5 एकड़ जमीन भी खरीदी है, जहां मां खेती का काम देखती हैं। दिलचस्प बात ये है कि कॉलेज में पढ़ाई करने के दौरान स्कॉलरशिप के पैसे बचाकर राम ने अपने घर वालों के लिए एक किचन भी तैयार करवाया था| हिन्दुस्तान टाइम्स में छपी खबर के मुताबिक राम ने कहा कि कई लोगों को जब उन्होंने पैसे वापस करने चाहे तो उन्होंने लेने से मना कर दिया, जिससे राम उन जैसे ही जरुरतमन्द छात्रों की मदद करना चाहते हैं। राम के 24 वर्षीय भाई और एक बहन भी है लेकिन वें दनों पढ़ाई में इतने अच्छे नही हैं| राम का कहना है कि वह तब तक काम करना चाहते हैं, जब तक आर्थिक रूप से स्थिर न हो जाए और इसके बाद घर लौटकर सामाजिक काम करना चाहेंगे।

श्री मुनिसुव्रतस्वामी जैन मित्र मंडल द्वारा जीवदया से प्रेरित फटाकड़ा निषेध कार्यक्रम में बच्चो को पुरस्कार वितरण

भायंदर/गोडवाड ज्योती: श्री मुनिसुव्रतस्वामी जैन मित्र मंडल भायंदर-मीरारोड़ द्वारा 18 दिसंबर को आयोजित जीवदया से प्रेरित कार्यक्रम में दीपावली में फटाखे नही फोड़ने वाले 1200 बच्चो का तिलक और पुरस्कार देकर बहुमान किया गया और उनमें जीवदया के प्रति धर्म भावना की अलख जगाई। इस बाल सम्मान समारोह के अवसर पर प.पु. गुरूवर्या विक्षीतश्रीजी म.सा. और विनीतश्रीजी म.सा.ने अपने मुखारविंद से मांगलिक सुनाकर जीवदया का महत्व समझाया। इस पुरस्कार वितरण कार्यक्रम के लाभार्थी श्रीमान राजुभाई मणियार और एक सदगृहस्थ परिवार थे।
इस अवसर पर मीरा-भायंदर की महापौर श्रीमती गीताजी जैन के साथ नगरसेवक डॉ. रमेशजी जैन, ध्रुवकिशोर पाटिल, सुरेश खंडेलवाल और सुमन कोठारी ने खुद सभी बच्चो का तिलक और पुरुस्कार देकर बच्चो का जीवदया के प्रति हौसला बढ़ाया| साथ ही इस कार्यक्रम में गजराज मेहता, मोतिभाई सेमलानी, रवि जैन, सुरेश शाह, अनिल सालेचा, रवि गुर्जर, प्रकाश दोशी, दिनेश, अंबालाल जैन, अशोक जैन, संगीता श्रीश्रीमाल, राजु जैन, कौशल शाह, विमल धोका, बलवन्त जैन, सतीश जैन, चेतन मेहता, परेश शाह, देवेंद्र वखारिया, जयंती जैन, मनिष मुणोत, देवेंद्र मुणोत, विक्की जैन आदि अनेक स्थानीय महानुभाव उपस्थित थे।





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कहावत है *'तारे सो तीर्थ'* यानि जो भवसागर से तारे, वह तीर्थ| इन पवित्र स्थलों के दर्शन का सुंदर स्वप्न हर व्यक्ति के हृदय में रहता है ताकि इस भव की आधि-व्याधि-उपाधि के संकट से निजात पाने के साथ परभव के कर्मो की भी निर्जरा कर मोक्ष-मुक्ति की भावना को साकार करते हैं लेकिन प्रबल पुण्य प्रभाव से कुछ पुण्यशाली आत्मा स्वयं के साथ सकल श्रीसंघ को भी तीर्थ यात्रा का सामूहिक लाभ देने का अवसर प्राप्त करते हैं| इसी उद्देश्य से मुंडारा हाल जोगेश्वरी निवासी श्रीमान शा. मिश्रीमलजी मंडलेशा परिवार ने मुंबई से श्री सिद्धाचल तीर्थ यात्रा का सुंदर आयोजन 05 से 09 जनवरी 2017 को किया, जिसमें 450 पारिवारिक सदस्यों ने शाश्वत तीर्थ के दर्शन किये|
                   *शाश्वत तीर्थ संघोत्सव यात्रा* में सम्मिलित होने वाले सभी यात्रालु रात्रि 8 बजे नियत समय पर बांद्रा टर्मिनस से ट्रेन द्वारा रवाना हुए, कुछ सदस्य अँधेरी व बोरीवली से भी जुड़े| इसके बाद उमंग व हर्षित माहौल में संगीतमय रात्रि भक्ति व स्नेहीजनों का माल्यार्पण व अनुमोदना के साथ सभी आपसी जान-पहचान को पुख्ता कर रहे थे| खैर! समय ज्यादा होने पर ना चाहते हुए भी कुछ लोग निद्रा देवी की गोद में सिर रखकर स्वप्नलोक की सैर कर आये, वहीं परिवार के युवा वर्ग के बेटे और जमाइयों (जमाई से अधिक बेटे) पूरी रात अन्य व्यवस्थाओं की तैयारी में गुजारी| सुबह ट्रेन सोनगढ़ स्टेशन पर पहुंची, जहाँ से गन्तव्य तक जाने हेतु बसे तैयार खड़ी थी| बस में आयोजक परिवार द्वारा ड्राईफ्रूट, चिक्की, मुखवास,चॉकलेट, पानी आदि दिए गए| सभी यात्रियों के ठहरने की उत्तम व्यवस्था सुणतर धर्मशाला व परमार धर्मशाला में की गई थी|
                                द्वितीय दिवस नित्यकर्म से निवृत होकर नाश्ते के पश्चात श्री सिद्धचक्र पूजन के आयोजन किया गया| तत्पश्चात दोपहर के भोजन के बाद कुछ लोगों ने यात्रा की थकान और दुसरे दिन पहाड़ चढने हेतु अग्रिम विश्राम किया, वहीं कुछ लोग शॉपिंग और अन्य जिनालयों के दर्शन के लिए चले गये| संध्या को चौविहार भोजन व प्रतिक्रमण पश्चात सुंदर गिरिराज भावयात्रा कार्यक्रम में तिर्थाधिराज की महत्ता का अदितीय वर्णन सुनने का अवसर प्राप्त हुआ| तृतीय दिवस सभी यात्री प्रात: जल्दी उठकर दादा के दर्शन करने हेतु रवाना हो गया| सुणतर भवन के बाहर डोली वालों का हुजूम उमड़ा हुआ था, हर कोई अपना कार्ड यात्रियों को देने हेतु बेताब था| हालाँकि ज्यादातर श्रद्धालु 3750 सीढियाँ चढ़कर ही गए, जबकि *‘तीर्थंकर दर्शन विरला पावे’* की उच्च भावना से ओत-प्रोत कुछ उम्रदराज लोगों के लिए डोली भी की गई| दादा के दर्शन एवं सानिध्य के लिए यात्री अलसुबह 4-5 बजे तलेटी के दर्शन करने के पश्चात पैदल चढ़ाई के दौरान अन्य टूंको व घेटीपार के भी दर्शन-पूजन कर दीनानाथ के दरबार में अपनी हाजिरी दर्ज करवाई और पक्षाल व पूजन कर स्वयं को धन्य किया| फिर पुन: नीचे आकर भोजन व विश्राम पश्चात संध्याकालीन कार्यक्रम में भक्ति व मातृ-पितृ वंदना का अविस्मरनीय कार्यक्रम किया गया, जिसमें सभी की आँखे नम हो गई| तत्पश्चात परमात्मा की भव्य आरती पश्चात रात्रि विश्राम किया| चतुर्थ दिवस सकल चतुर्विध श्रीसंघ सुबह 5:30 बजे घोड़े-बग्गियों व ढोल-नगाड़ों के साथ बाजते-गाजते तलेटी पहुंचकर प्रभु को थाल अर्पण कर सामूहिक चैत्यवंदन किया और वहां से वापस आकर जीवित महोत्सव कार्यक्रम को साक्षात किया, जिसमें बहुत ही सुंदर पारिवारिक माहौल नजर आ रहा था| आख़िरकार वह समय भी आ गया, जब संघ समापन की घोषणा की गई और सभी यात्रीगण भोजन आदि कर सोनगढ़ से मुंबई के लिए रवाना हुए| सभी यात्री आनन्द-उमंग एंव हर्ष के लम्हों से ओत-प्रोत नजर आए, वहीं धर्म-अध्यात्म, सामायिक-प्रतिक्रमण, प्रार्थना-आराधना, भजन, गीत-संगीत,अंताक्षरी चर्चा-परिचर्चा, हास्य-परिहास आदि के नजारे भी दृष्टिगोचर हो रहे थे| संघ में कार्यक्रम संचालन का संपूर्ण दायित्व युवावर्ग के अमितजी,अंकितजी, विनीतजी सहित सभी जमाईसा, बेटियां व बहुओं ने अपने कंधो पर बखूबी उठाया| साथ ही संगीतकार निकेश बरलोटा, फोटोग्राफर केतन भाई,जे. पुरोहित केटरिंग वालों को धन्यवाद में स्वयं का सहभागी बनाया|  यात्रा की सुनहरी व मधुर यादों को मन में संजोये हुए सभी ने एक-दुसरे से जय-जिनेन्द्र कहकर विदाई ली और जल्द ही फिर से मिलने का वादा कर अपनी कर्मस्थली मुंबई की ओर रवाना हुए|
                      *ज्योती श्रीपाल मुणोत* 
                           प्रमुख संपादक  
                        गोडवाड़ ज्योति




Monday, January 9, 2017

नोटबंदी के दौर में परेशान ना हो, पेटीएम करें

आज अधिकतर लोग स्मार्टफोन इस्तेमाल कर रहे हैं और मोबाइल वॉलेट भी स्मार्टफोन यूजर की जिंदगी का हिस्सा बन गए हैं। पेटीएम! एक ऐसा नाम, जो आजकल करीब हर किसी की ज़ुबान पर चढ़ा हुआ है और सबसे काम का साबित हो रहा है। टीवी, विज्ञापन, अखबार हो या सोशल मीडिया, आपको हर जगह पेटीएम करो दिखाई या सुनाई पड़ जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 500 और 1000 रुपये के नोट बंद होने के बाद ऑनलाइन पेमेंट वॉलेट में शुमार पेटीएम के यूज़र में तेजी से बढ़ोतरी हुई है। मोबाइल रीचार्ज हो या बिल पेमेंट, टैक्सी के पैसे चुकाने हों या फिर मेट्रो कार्ड का रीचार्ज करना हो, या मूवी टिकट, फ्लाइट, होटल आदि.... पेटीएम पर आपकी हर समस्या का समाधान है। सीधे तौर पर कहें तो मोबाइल वॉलेट का यह वो युग है जो अर्थव्यवस्था में बदलाव के साथ एक कैशलैस सोसायटी का निर्माण कर रहे हैं। आइये जानते हैं कि पेटीएम क्या है और इसका इस्तेमाल कैसे कर सकते हैं?

मोबाइल वॉलेट क्या है?
आज व्हाट्सऐप का इंस्टेंट मैसेजिक पर कब्जा है तो पेटीएम सबसे बड़े यूजरबेस के साथ देश का सबसे बड़ा मोबाइल वॉलेट है। कई ई-कॉमर्स और टिकट बुकिंग साइट जैसे बुकमायशो, ग्रुपॉन, रेडबस, मेकमायट्रिप, स्नैपडील, फ्लिपकार्ट, अमेज़न आदि ऑनलाइन ग्राहकों को चेकआउट के समय मोबाइल वॉलेट के जरिए भुगतान करने का विकल्प देती हैं। आप अपनी पसंद के मोबाइल वॉलेट को इस्तेमाल कर सुरक्षित ऑनलाइन भुगतान कर सकते हैं। इसके साथ ही अधिकतर मोबाइल वॉलेट ऑनलाइन पेमेंट करने पर कैशबैक ऑफर भी देती हैं। आप संबंधित प्रोमो या कूपन कोड का इस्तेमाल कर मोबाइल वॉलेट से फायदा भी ले सकते हैं।

क्या है पेटीएम वॉलेट
पेटीएम एक सेमी-क्लोज्ड वॉलेट है और इससे कोई कैश नही निकाला जा सकता। पेटीएम से कई अलग-अलग जगह (मर्चेट लोकेशन) पर सामान और सर्विस के लिए पेमेंट का भुगतान किया जा सकता है। पेटीएम की शुरुआत के वक्त इससे सिर्फ मोबाइल रीचार्ज, डीटीएच प्लान और बिल पेमेंट किया जा सकता था। इसके बाद फरवरी 2014 में कंपनी ने ई-कॉमर्स क्षेत्र में कदम रखा। पेटीएम के वॉलेट पार्टनर में उबर, बुकमायशो और मेकमायट्रिप समेत कई कंपनिया शामिल हैं। इसके अलावा शॉपिंग, ट्रैवल, एंटरटेनमेंट और फूड क्षेत्र की भी कई कंपनियों से पेटीएम की साझेदारी है। पेटीएम में कई सारी कैटेगरी, बुक ऑन पेटीएम, रीचार्ज और पे फॉर, शॉप ऑन पेटीएम, ऑफर, ट्रेन टिकट, इलेक्ट्रिसिटी बिल, डीटीएच रीचार्ज, मोबाइल रीचार्ज, टुडेज़ बाजार समेत कई कैटेगरी मौज़ूद हैं। पेटीएम का अपना ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म भी मौज़ूद है।

हाल ही में नोट बंदी के बाद पेटीएम ने नया 'नियरबाय' फ़ीचर भी लॉन्च किया है। इसके जरिए आप अपने आस-पास पेटीएम वॉलेट के जरिए पेमेंट लेने वाले दुकानदार को आसानी से खोज पाएंगे। इस फ़ीचर से उन ग्राहकों को मदद मिलेगी जिनके पास नकदी की कमी है। पेटीएम के 'नियरबाय' फ़ीचर में देश भर में मौज़ूद कंपनी के करीब 8 लाख से ज्यादा ऑफलाइन दुकानदार की डायरेक्टरी है।

पेटीएम का इस्तेमाल कैसे करें
पेटीएम इस्तेमाल करना बेहद आसान है। इसके लिए आपको लॉग इन करना होगा। इसके लिए आपको अपना मोबाइल नंबर और ई-मेल वेरिफिकेशन करने की जरूरत होगी। एक बार सफलतापूर्वक वेरिफिकेशन और लॉग इन करने के बाद पेटीएम की किसी भी सर्विस का फायदा लिया जा सकता है।
ऑनलाइन पेमेंट करने के लिए मोबाइल वॉलेट के इस्तेमाल के तरीके

· किसी मोबाइल वॉलेट ऐप पर अपनी ईमेल आईडी और पासवर्ड का इस्तेमाल कर मुफ्त में साइनअप किया जा सकता है।

· एक बार अपने अकाउंट में लॉग इन करने के बाद अपनी सुविधानुसार नेट बैंकिंग ट्रांसफर, डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड, एटीएम ट्रांसफर जैसे विकल्प चुन सकते हैं।

· इसके बाद आप ऑनलाइन प्रीपेड मोबाइल पेमेंट (पोस्टपेड भी), डीटीएच रीचार्ज, डेटाकार्ड बिल पेमेंट, इलेक्ट्रिसिटी बिल पेमेंट, गैल बिल पेमेंट, लैंडलाइन फोन बिल पेमेंट करने के लिए वॉलेट में पैसे डाल सकते हैं।

मोबाइल वॉलेट के प्रकार: देश में तीन अलग-अलग तरह के मोबाइल वॉलेट हैं। इनमें क्लोज्ड वॉलेट, सेमी-क्लोज्ड वॉलेट और ओपन वॉलेट शामिल हैं।
Ø क्लोज्ड वॉलेट को किसी कंपनी विशेष (या ऑनलाइन मर्चेंट) के सामान और सर्विस के लिए ही इस्तेमाल किया जा सकता है। मेकमायट्रिप, जबॉन्ग आदि इस तरह के क्लोज्ड वॉलेट के उदाहरण हैं। मेकमायट्रिप या जबॉन्ग पर किसी प्रोडक्ट की वापसी या कोई ऑर्डर कैंसल होने पर अगर आपके अकाउंट में कोई रिफंड वापस आता है तो आप उसका इस्तेमाल सिर्फ उसी मर्चेंट पर खरीददारी के लिए कर सकते हैं।
Ø सेमी-क्लोज्ड वॉलेट से भी कोई कैश नही निकाला जा सकता। इस तरह के वॉलेट से कई अलग-अलग जगह (मर्चेट लोकेशन) पर सामान और सर्विस के लिए किए जाने वाले पेमेंट का भुगतान किया जा सकता है। बशर्ते मोबइल वॉलेट कंपनी का दूसरी कंपनियों के साथ टाई-अप हो। पेटीएम, मोबिक्विक, पेयूमनी, ऑक्सीजन आदि कुछ इस तरह के वॉलेट के उदाहरण हैं।
Ø ओपन वॉलेट से कैश निकाला जा सकता है। इसके अलावा इनका इस्तेमाल भी सेमी-क्लोज्ड वॉलेट की तरह ही किया जा सकता है। वोडाफोन का एम-पैसा इसका सबसे बेहतर उदाहरण है।





कैसा रहेगा आपका नया साल 2017

मेष: मेष राशि के लोगो के लिए 2017 की शुरुआत अच्छी होगी| इस साल आपके पुरुषार्थ और उत्साह की बृद्धि होगी| धार्मिक कार्यो में मन लगेगा तथा किसी लंबी योजना का भी आयोजन कर सकते हैं, जिसमें आपको सफलता मिलेगी| आपके रुके काम किसी मित्र सहयोगी की मदद से पुरे होने की सम्भावना है| यदि आप व्यवसाय करते हैं तो आपके व्यवसाय में लाभ व उन्नति हो सकती है| अपने स्वास्थ पर ध्यान दे तथा क्रोध पर काबू रखे| इस वर्ष संतान के किसी विशेष कार्य को पूर्ण करने के लिए धन खर्च कर सकते हैं लेकिन साल के अंत तक आपकी आय में बढ़ोत्तरी व आय के साधनों में सुधार हो सकता है| यदि प्रेम सम्बन्ध की बात की जाय तो इस वर्ष प्रेम के सम्बन्ध में आपको संतुलन बनने की आवश्यकता है|

अनुकूल ग्रह: सूर्य, वृहस्पति, चन्द्र

मित्र राशियाँ: सिंह, तुला और धनु

शत्रु राशियाँ: मिथुन, कन्या

राशि रत्न: मूंगा

शुभ रुद्राक्ष: तीन मुखी

शुभ रंग: लाल, नारंगी और पीला

शुभ अंक: 9, 18, 27, 36, 45, 54, 63 और 72

सकारात्मक तथ्य: साहसी, आत्मविश्वासी और ऊर्जावान

नकारात्मक तथ्य: क्रोध

वृषभ: वर्ष 2017 वृषभ राशि के जातको के लिए लाभदायक है| इस राशि के जातको को प्रतिष्ठित व विपरीत लिंग के लोगो से सहयोग प्राप्त होगा, जिससे लाभ हो सकता है| इस वर्ष आपके पास धन का आगमन होते रहेगा तथा आपके खर्चे भी बढ़ सकते हैं| वर्ष के मध्य में रुके व बिगड़े हुए काम बनने के योग है| यदि किसी कार्य के लिए धन का निवेश किया है तो उसमे फायदा हो सकता है| यदि आप जमीन या किसी व्यवसाय में धन लगाएंगे तो आपको लाभ होगा| इस वर्ष खर्चो पर थोड़ा नियंत्रण रखें जिससे आपको फायदा हो सकता है| इस वर्ष पारिवारिक सुख की अनुभूति तथा संतान की तरफ से भी सुखो की प्राप्ति कर सकते हैं| इस वर्ष आपके जीवनसाथी को कुछ शारीरिक परेशानिया हो सकती है|

मित्र राशियाँ: कुम्भ, मकर

शत्रु राशियाँ: सिंह, धनु, मीन

राशि रत्न: हीरा

शुभ रुद्राक्ष: छह मुखी

शुभ रंग: क्रीम, हरा, नीला रंग

शुभ अंक: 6, 15, 24, 33, 42, 51

सकारात्मक तथ्य: आप दृढ़ निश्चयी व परिश्रमी

नकारात्मक तथ्य: तनाव से बचना श्रेष्ठ रहेगा
 मिथुन: मिथुन राशि के लोगों के लिए वर्ष 2017 थोड़ा उतार-चढ़ाव भरा है लेकिन इस राशि के लोगो के घर की स्थिति सामान्य बनी रहेगी| यदि आप किसी नए काम की शुरुआत करेंगे तो इस वर्ष आपको थोड़ा परेशानी हो सकती है लेकिन साल के मध्य में आपके द्वारा बनाई गयी योजनाए पूरी हो सकती है| इस वर्ष के अंत तक आपकी सारी समस्याएं समाप्त हो सकती हैं| आपका पैसा आता-जाता रहेगा| प्रेम सम्बन्धो में सतर्कता बरते तथा पार्टनर से बेवजह विवाद ना करें| यह वर्ष छात्रों के लिए भी सामान्य है|

मित्र राशियाँ: तुला, सिंह, कन्या, कुम्भ

शत्रु राशियाँ: कर्क, वृष, मेष

राशि रत्न: पन्ना

शुभ रंग: क्रीम, हरा

शुभ अंक: 5, 14, 23, 32, 41, 50

सकारात्मक तथ्य: सोच-समझकर निर्णय लेना

नकारात्मक तथ्य: अधिक मानसिक श्रम करना

कर्क: कर्क राशि के जातको के लिए वर्ष के शुरुआत में थोडी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है लेकिन वर्ष के मध्य तक सारी समस्याएं समाप्त हो सकती है तथा परिवार के लोगों की तरफ से खुशी मिल सकती है| यदि आप इस वर्ष अपने पैसे का निवेश करना चाहते हैं तो अच्छी जगह पर सोच-समझ कर निवेश करें, आपको जल्दी ही धन प्राप्त हो सकता है| व्यवसाय करने वाले लोगों के लिए भी यह वर्ष शुभ है| इस वर्ष कोई योजना बना सकते हैं जिसमे आपको सफलता मिल सकती है| यदि आपको किसी बात की चिंता है तो आपको शुभ सन्देश मिल सकता है| आपके प्रेम संबंधो में मजबूती आएगी, व्यवसाय में लाभ होगा व घर में सुख-शांति बनी रहेगी|

मित्र राशियाँ: वृश्चिक, मीन, तुला

शत्रु राशियाँ: मेष, कर्क, धनु, कर्क, मकर, कुम्भ

राशि रत्न: मोती, मूंगा

शुभ रंग: नारंगी, पीला, सफेद

शुभ अंक: 2, 7, 11, 16, 20, 25

सकारात्मक तथ्य: मिलनसार

नकारात्मक तथ्य: लोगों पर आसानी से भरोसा
सिंह: सिंह राशि के जातको के लिए यह वर्ष बहुत ही शुभ है| आपकी आर्थिक स्थिति सामान्य रहेगी तथा इस वर्ष आपको अपने स्वास्थ के प्रति थोड़ा सतर्क रहने की आवश्यकता है| यदि आप शेयर बाजार में निवेश करना चाहते हैं तो यह वर्ष आपके लिए शुभ है| आपको वैवाहिक जीवन में ताल-मेल बनाकर रखना बहुत जरुरी है तथा जीवनसाथी की भावनाओ की कद्र करें| संतान पक्ष को छोटी-मोटी बीमारी का सामना करना पड़ सकता है तथा पढ़ाई के लिए यह वर्ष बहुत ही अच्छा है| इस वर्ष आप अपनी मेहनत के आधार पर कई खुशिया प्राप्त कर सकते हैं|

मित्र राशियाँ: सिंह, कन्या, मेष, धनु

शत्रु राशियाँ: बृषभ, तुला, मकर, कुम्भ

राशि रत्न: माणिक्य, मूंगा

शुभ रंग: नारंगी, पीला, लाल

शुभ अंक: 1, 4, 10, 13, 19, 22

सकारात्मक तथ्य: आत्मविश्वास

नकारात्मक तथ्य: धैर्य बढ़ाना होगा
कन्या: वर्ष 2017 कन्या राशि के जातको के लिए शुभ है लेकिन इस वर्ष आप आर्थिक स्तर से सतर्क रहे| इस वर्ष आप किसी व्यवसाय में पैसो का निवेश करना चाहते हैं तो सोच-समझकर ही निवेश करें| इस वर्ष छात्रों को अपनी पढ़ाई में अधिक मेहनत करने की आवश्यकता है तथा जो लोग नौकरी या करियर करना चाहते हैं, उन्हें काफी अच्छा अवसर मिल सकता है| पारिवारिक स्तर पर आपको इस वर्ष थोड़ा परेशानी हो सकती है| जीवनसाथी के लिये समय निकाले व आपसी मतभेद को बातचीत से सुलझाने की कोशिश करें| इस वर्ष आप यात्रा कर सकते हैं| अपने स्वास्थ पर विशेष ध्यान दें और नियमित रूप से योग करें तथा सात्विक भोजन करें यह आपके स्वास्थ के लिए फायदेमंद होगा|

मित्र राशियाँ: कन्या, मिथुन, सिंह, तुला

शत्रु राशियाँ: कर्क

राशि रत्न: पन्ना

शुभ रंग: हरा, क्रीम

शुभ अंक: 5, 14, 23, 32, 41, 50

सकारात्मक तथ्य: रचनात्मक प्रवृत्ति

नकारात्मक तथ्य: समस्याओं से शीघ्र घबरा जाना
तुला: वर्ष 2017 तुला राशि के लोगो के लिए बहुत ही शुभ है| यह वर्ष आर्थिक दृष्टिकोण से भी इस राशि के जातकों के लिए बहुत ही शुभ है| यदि आप 2017 में प्रॉपर्टी में निवेश करना चाहते हैं तो अपने बड़े-बुजर्गो की राय अवश्य लें, फायदेमंद हो सकता है| फिजूल खर्च कम करें तथा कर्ज लेने से बचें| परिवार के किसी सदस्य के स्वास्थ की चिंता हो सकती है| इस वर्ष यात्रा के योग बन सकते हैं तथा यात्रा में फायदा हो सकता है| छात्रों को इस साल अपनी मेहनत के आधार पर सफलता मिल सकती है| इस वर्ष संबंधो में मधुरता लाने के लिए थोड़ी मेहनत करनी पड़ सकती है| जो लोग अविवाहित है उनके लिए साल के अंत तक अच्छे रिश्ते आ सकते हैं|

मित्र राशियाँ: मिथुन, कुम्भ, मकर, धनु, कर्क

शत्रु राशियाँ: सिंह

राशि रत्न: पन्ना

शुभ रंग: क्रीम, हरा, नीला, बैंगनी

शुभ अंक: 6, 15, 24, 33, 42, 51, 60

सकारात्मक तथ्य: सहनशीलता

नकारात्मक तथ्य: अति भावुकता
वृश्चिक: वर्ष 2017 वृश्चिक राशि के जातको के लिए शुभ है लेकिन इस राशि के लोगो को इस वर्ष अपने खर्चो पर थोड़ा नियंत्रण रखने की आवश्यकता है। इस वर्ष आपको आय के नए स्रोत मिल सकते हैं तथा शुभ कार्यो में भी आपकी रूचि रहेगी। आपका स्वास्थ उत्तम रहेगा और वैवाहिक जीवन में कोई तनाव चल रहा होगा तो समाप्त होने के योग भी बन सकते हैं। इस वर्ष आप जनसम्पर्क में अधिक रहेंगे तथा संतान पक्ष की तरफ से भी आपको खुशिया मिल सकती है। नौकरी करने वाले लोगो के लिए भी यह वर्ष काफी शुभ है तथा छात्रों के लिए इस वर्ष पढ़ाई के अच्छे माध्यम बन सकते हैं। भाई-बहनो और मित्रों से भी आपको सहयोग प्राप्त होगा।

मित्र राशियाँ: कर्क, मीन

शत्रु राशियाँ: मेष, मिथुन, सिंह, धनु

राशि रत्न: मूंगा, मोती

शुभ रंग: लाल, पीला, नारंगी, सफ़ेद रंग

शुभ अंक: 9, 18, 27, 36, 45, 54, 63, 72, 81, 90

सकारात्मक तथ्य: साहसी व निडर

नकारात्मक तथ्य: बुरे व्यसन
धनु: वर्ष 2017 धनु राशि के जातको के लिए शुभ है| इस राशि के जो लोग व्यापार के क्षेत्र से जुड़े हैं उनके लिए यह वर्ष बहुत ही शुभ है लेकिन वर्ष के अंत में पैसे का निवेश सोच-समझकर करें| पैसे के लेन-देन में सावधानी बरतें तथा किसी भी कार्य को करने से पहले उसके लाभ तथा हानि के बारे में अच्छी तरह सोच लें| इस साल छात्रों को परीक्षाओ में अच्छे परिणाम मिल सकते हैं| नौकरी करने वाले लोगो के लिए भी यह वर्ष लाभदायक साबित हो सकता है| आपका पारिवारिक जीवन भी खुशियों से भरा रहेगा तथा प्रेम संबंधों में भी मधुरता आएगी| किसी धार्मिक यात्रा पर भी जा सकते हैं| अपने स्वास्थ पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है|

मित्र राशियाँ: मेष, सिंह

शत्रु राशियाँ: कर्क, वृश्चिक, मीन

राशि रत्न: पुखराज

शुभ रंग: लाल, पीला, नारंगी

शुभ अंक: 3, 12, 21, 30

सकारात्मक तथ्य: सक्रिय हैं और लक्ष्य पाना जानते हैं

नकारात्मक तथ्य: मानसिक व शारीरिक तनाव से बचे
मकर: वर्ष 2017 मकर राशि के लोगो के लिए शुभ है| यह वर्ष इस राशि के लोगो के लिए आर्थिक स्थिति के हिसाब से सामान्य है| इस वर्ष पैसो को बचाने का प्रयास करे क्योंकि यह पैसा आने वाले समय में आपके काम आ सकता है| पैसों के लेन-देन में सतर्कता बरतें| अचानक धन का लाभ हो सकता है तथा साल 2017 छात्रों के लिए भी फायदेमंद साबित हो सकता है| छात्र इस वर्ष उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए विदेश भी जा सकते हैं| पारिवारिक स्थिति इस वर्ष सामान्य रहेगी तथा माता-पिता के साथ अच्छे सम्बन्ध बने रहेंगे| इस वर्ष मकर राशि के लोगो का भाग्य उनका साथ देगा|

मित्र राशियाँ: कुम्भ

शत्रु राशियाँ: सिंह और धनु

राशि रत्न: नीलम

शुभ रंग: नीला, हरा, बैंगनी और काला रंग

शुभ अंक: 4, 8,13, 17, 19, 22 और 26

सकारात्मक तथ्य: कठोर परिश्रम

नकारात्मक तथ्य: स्वास्थ्य के प्रति लापरवाही
कुंभ: साल 2017 कुंभ राशि के जातकों के लिए बहुत ही शुभ है|
इस वर्ष इस राशि के जातक अपने कार्यो को लेकर काफी प्रसन्न रहेंगे| इस वर्ष फिजूलखर्चो को कम करने की कोशिश करें| 2017 के दूसरे भाग में पैसो के लेन-देन के मामले में थोड़ा सतर्क रहें| यदि आप प्रोपर्टी से सम्बंधित काम करते हैं तो आपको लाभ हो सकता है| व्यापारियों या बिजनेस से जुड़े लोगो के लिए भी यह वर्ष अति उत्तिम है| छात्रों को इस वर्ष यदि अपनी मेहनत के अनुसार परिणाम ना मिले तो इसमें घबराये नही, आने वाले समय में आपको अपनी मेहनत के अनुसार फल अवश्य मिलेगा| इस राशि के लोगों की पारिवारिक स्थिति सामान्य रहेगी तथा अपने सम्बन्धो में विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है|

मित्र राशियाँ: मीन, मिथुन, मकर, वृष, तुला

शत्रु राशियाँ: कर्क, सिंह, वृश्चिक

राशि रत्न: हीरा, नीलम

शुभ रंग: नीला, हरा, बैंगनी, काला

शुभ अंक: 4, 8,13,17, 22, 26

सकारात्मक तथ्य: अच्छी निर्णय शक्ति

नकारात्मक तथ्य: आँख बंद कर भरोसा करना

मीन: साल 2017 में मीन राशि के जातक किसी भी निर्णय को सोच-समझकर ही लें तथा किसी यात्रा पर जाने से पहले अच्छी तरह सोच-विचार करें| आँख बन्द कर किसी नए परिचित व्यक्ति पर विश्वास ना करें तथा अधिक मानसिक श्रम ना करें| इस वर्ष रिश्तेदारो या सहयोगियों के जरिये महत्वपूर्ण लोगो से मुलाकात हो सकती है, आय के नए स्रोत भी मिल सकते हैं और लाभ भी हो सकता है| पुरानी नौकरी से इस्तीफा देने के बारे में बिलकुल ना सोचे| वैवाहिक जीवन को बेहतर बनाने की कोशिश करें और जीवनसाथी को पूरा समय दें| छोटी-मोटी बीमारियों को नजरअंदाज न करें और अपने स्वास्थ का ख्याल रखें|

मित्र राशियाँ: कर्क, वृश्चिक

शत्रु राशियाँ: मेष, सिंह, धनु

राशि रत्न: पुखराज, मूंगा

शुभ रंग: पीला, सफेद, लाल

शुभ अंक: 3, 7, 12, 16, 21, 25, 30, 34, 43, 52

सकारात्मक तथ्य: न्यायशील व अच्छी सोच

नकारात्मक तथ्य: स्वास्थ्य के प्रति लापरवाह

जैन संघो में ट्रस्टी पद के लिए प्रथम कसौटी क्या हो, शील, सदाचारी या साधन संपन्नता?


ट्रस्टी यानि विश्वासु व्यक्ति, जो किसी भी संघ या समूह का मुख्य प्रतिनिधि में से एक होता है। निजी क्षेत्र में तो ट्रस्टी के कार्यप्रणाली पर अन्य अधिकारियो और मेंबर की तीखी नजर होती है क्योकि उन्हें अपने लगाये पैसो पर अधिकाधिक मुनाफे की लालसा होती है किंतु धार्मिक और सामाजिक संघ और संस्थाए, जिनकी स्थापना केवल सेवा-सहाय या धर्म भाव के लिए होती है, उन पर अक्सर धन देने वालों का कोई विशेष अधिपत्य नही होता। यहाँ पर लोग पुण्योपार्जन के लिए धन देते है और उन्हें लगता है कि धन देकर उनका उद्देश्य परिपूर्ण हुआ। उस धन को कौन, कहाँ और किस प्रकार से खर्च कर रहा है, उनमें धन देने वालों की कोई विशेष रूचि नही होती| बस समय-समय पर हिसाब का लेखा-जोखा जनरल मीटिंग में मेम्बरों के समक्ष प्रस्तुत किया जाता है, जिसमे अधिकांश मेंबर केवल औपचारिकता निभाते है| बहुत कम लोग गहराई से अवलोकन करते है। धार्मिक रीती और परंपरा अनुसार खर्च करना और संस्था के विशेष् नियमो का पालन करना ट्रस्टियों का अहम् कर्तव्य होता है किंतु वे अपना कर्तव्य तभी निभा पाते है जब उन्हें धर्म का ज्ञान और संघ या संस्था में आस्था हो, निजी स्वार्थ या उद्देश्य का जहाँ कोई स्थान न हो। किन्तु आज की विडम्बना ये है कि ऐसा व्यक्ति मिलना थोड़ा कठिन हो गया है, जो धार्मिक हो, ज्ञानी हो और निष्ठावान भी हो| साथ ही ट्रस्टी पद का कार्यभार संभालने के स्वद्रव और समय देने के लिए सक्षम हो। उस पर अब धर्म से अधिक धन की सक्षमता को ट्रस्टी पद के लिए महत्व दिया जा रहा है, जिसका नतीजा ये है कि आज धार्मिक क्षेत्र जो आडम्बर मोहमाया से परे कर्मबन्धन तोड़ने का स्थान है, वहां पर भी सांसारिक व्यवहार होने लगे है। अध्यात्म से अधिक अर्थ पर ध्यान केंद्रित होना एक चेतावनी है, धर्म और नैतिकता से पतन की। यदि किसी संघ व संस्था में एक भी अयोग्य व्यक्ति किसी पद पर आ जाये तो संचालन में बाधाएं तो आएगी ही और धर्म प्रभावना का क्षय और धन प्रभाव का विकास होगा। जिस नाव में एक छोटा-सा भी सुराग हो, उसका रास्ता कितना लंबा होगा? यानि एक अयोग्य ट्रस्टी पुरे संघ को आडम्बर और स्वार्थ रूपी सुराग से डूबा सकता है। आज हमारे सामने ऐसे कई जिवंत उदहारण है, जहाँ ट्रस्टियों ने संघ और संस्था के लिए अहितकारी निर्णयों को लेकर पद की गरिमा को अपने स्वार्थ के लिए घटाया है, जिससे हमारी भावी पीढ़ी का एक वर्ग इस धर्म क्षेत्र में खर्च करने के विरोध में होता जा रहा है। धर्म से दूरी युवावर्ग के पहले धार्मिक फिर सामाजिक दुरी का कारण बन गयी है क्योकि उनके लिए धर्म वैसा है, जैसे उसके प्रतिनिधि है।
हाल ही में बोरीवली संघ के एक ट्रस्टी को संघ की धरोहर को धोखे से बेचकर उससे निजी धन बनाने का मामला सामने आया है। मेहनत की कमाई से पुण्य कमाने और धर्म बचाने के उद्देश्य से खर्च तो कर दिया, पर आगे क्या? उस धन से सही दिशा में ही कार्य होगा, ये युवा पीढ़ी के लिए कही प्रश्नचिह्न न बन जाये? हमारे जैन संघ के किसी ट्रस्टी की इस मामले में गिरफ्तारी एक अलार्म है, भावी पीढ़ी के धर्मविमुख होने के खतरे का क्योंकि ट्रस्टी धर्म और आदर्श समाज के प्रतिनिधि है| मंदिर और उपाश्रय आने वाले प्रत्येक श्रावक का इन प्रतिनिधियों पर विश्वास होता है| पर जब सही व्यक्ति का सही पद पर हम चुनाव नही करते, उनकी कार्यप्रणाली या गतिविधियों का अवलोकन नही करते, उनके व्यक्तित्व को चारित्र से नही बल्कि चकाचौंध से नापते है, तब अनैतिकता को बढ़ावा मिलता है और आदर्श स्वरूप व्यक्ति हमारा विश्वास तोड़ जाता है। यहाँ पर नुकसान सिर्फ धन का नही गिने, लाखो-करोडो रुपये के नुकसान की भरपाई संपन्न जैन शासन मिनटों में कर सकता है पर भावी पीढ़ी के मन में जो मौन प्रश्न और धर्म के प्रति संदेह पनपता है, उसकी भरपाई कैसे होगी?

सिर्फ एक सवाल.. क्या अब यही हमारे समाज की विशेषता रह गई है?

मेरे प्यारे दोस्तों, आदरणीय बुज़ुर्गो, प्रशंसको, आलोचकों, आपका प्रेमपूर्ण स्नेह और मार्गदर्शन मुझे हमेशा मिलता रहा है| कभी आपने मुझे शाबाशी दी, कभी आपने उत्साहित किया और कभी आपने मेरी गलतियों को नजरअंदाज भी किया| ..... इस बार इतनी सारी भूमिकाये बनाने का कारण सिर्फ इतना है कि इस बार कलम चलना तो बहुत चाहती है लेकिन उसे रास्ता नही मिल रहा| मैं दुविधा में हूँ क्योंकि मेरे मन में एक सवाल है कि क्या मुझे अपनी लेखनी पर ना चाहते हुए भी अंकुश रखकर अपने विचारो को स्वयं से समझौता करके किसी और की ख्वाहिश के मुताबिक़ लिखना चाहिए या मेरे द्वारा लिखे गए विचार सिर्फ वही हो, जो जैसा सोच रहा है? कुछ लिखकर मुझे आत्मसंतुष्टि मिलती है लेकिन स्वयं की आत्मसंतुष्टि के लिए किसी के मन को आहत करना ठीक होगा? लेकिन कलम का अपना एक धर्म होता है, जो उसे हर हाल में निभाना ही चाहिए| धर्म यानि मानव जीवन में संस्कारों का सिंचन कर इस भव में सफल और मृत्यु के बाद भव पार उतारकर मोक्ष ले जाये| ऐसा ही ‘अहिंसा परमो धर्म’ के मूलमंत्र को मानता हमारा छोटा-सा लेकिन साधन-संपन्न समृद्ध जैन समाज सदैव से सभी के लिए वन्दनीय रहा है| विश्व पटल पर अब तक जैन धर्म ने अपनी विजयपताका को उच्च स्तर पर सुशोभित बनाये रखा किन्तु इसे नियति का खेल या समय की विडम्बना कहेंगे कि बदलते परिवेश और आधुनिकता की अंधी दौड़ में जैन धर्म का अनेक मत-पंथ और विभिन्न समुदायों का अपनी-अपनी सुविधानुसार गठन होने लगा और यह कहते हुए हृदय छलनी भी होता है कि स्वयं के पंथ को उच्च बताने के लिए एक-दुसरे के समुदाय का विरोध व अपमानित करने में भी कोई कम नही रहता| इस बात को कहने के लिए मेरे पास तीन विशेष कारण हैं, पहला प.पु. आचार्यश्री विमलसागरजी म.सा. का संदेश, जिसमें उन्होंने बताया कि जैन धर्म की स्थानकवासी परंपरा के ज्ञान गच्छ (खींचण) संप्रदाय के अमृतमुनिजी म.सा. मूर्तिपूजक जैन उपाश्रय में रुककर धर्मचर्चा के नाम पर श्रावकों को जिनालय ना जाने और पूजन ना करने के लिए प्रेरित करते हैं और यथासंभव प्रतिज्ञायें भी देते हैं| और तो और वीतरागी प्रभु के प्रक्षाल से मल-मूत्र भी साफ़ कराते हैं| यकीनन यह बेहद निंदनीय और असहनीय है| (यह स्पष्ट करना चाहती हूँ कि इस बारे में मुझे कोई व्यक्तिगत जानकारी नही है किन्तु अपने गुरु की बात पर संदेह करना बिलकुल संभव नही|)  दूसरा शाश्वत तीर्थ में सवि जीव करूँ शासनरसि की भावना रखने वाले पूज्य साधु भगवंतो के बीच हाथापाई और मामला पुलिस तक पहुंचना (कारण कुछ भी रहा हो) और तीसरा हाल ही में एक मंदिर के ही ट्रस्टी द्वारा घोटाला करना और मामला दर्ज होने पर पुलिस की गिरफ्तारी...|(मुद्दे तो कई और भी हैं)
ये कुछ ऐसे वाकये हैं, जो सोश्यल मिडिया के माध्यम से लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गये लेकिन इस चर्चा में सभी ने सिर्फ समस्या को देखा, समस्या की जड़ तक कोई नही पहुंचे या शायद पहुंचना ही नही चाहते| आज हर गाँव-शहर, यहाँ तक की गली और बिल्डिंगो में भी धार्मिक संस्था और संगठनों के नाम से कोई न कोई सम्मान समारोह या पद नियुक्ति या कथित भक्ति का तथाकथित भव्य व ऐतिहासिक कार्यक्रम होता ही रहता है| आप सभी मेरे प्रिय भाई मेरी इस बात का बुरा ना मानें कि कई सिर्फ नाम की संस्थाए कार्यक्रमों की आड़ में अपने व्यवसाय की बढ़ोतरी कर रहे हैं। (भाई इसलिए क्योंकि 21वीं सदी में जब महिलाएं गृहस्थ धर्म कर साथ-साथ हर क्षेत्र में बेहतर कार्य कर रही हैं, वहीँ हमारे जैन समाज की किसी भी संस्था में वर्तमान में भी महिला मंडल के अतिरिक्त बहनों को सक्रीय भूमिका के लिए सम्मिलित नही किया गया है|) यहाँ तक की कई संस्थाओं में यह भी देखा गया है कि कुछ लोग बेहद व्यस्तता या कई वरिष्ठ शारीरिक अस्वस्थता के कारण कोई पदाधिकारी अपना कार्य सुचारू रूप से नही कर पाते लेकिन इसके बाद भी उस संस्था के पद पर वर्षो से विराजमान हैं| समाज के उज्जवल भविष्य के लिए यह चिंताजनक विषय है। अब वक्त आ गया है इस विषय पर विशेष चिन्तन करने का कि संस्था या संगठन में कार्य करने के लिए नियुक्त होने वाले ट्रस्टी और कार्यकर्ता के लिए उनकी उपयोगिता और नियम का मापदंड होना बेहद आवश्यक है ताकि उनके साथ-साथ किसी ट्रस्ट मंडल और सकल संघ के नाम पर सवालिया चिन्ह ना लगे वर्ना बंदर के हाथ में उस्तरा देने से सिवाय पछतावे के कुछ हाथ नही आएगा|

सुविशाल गच्छाधिपति लोकसन्तश्री वर्तमानाचार्य

*श्रीमद्वि जयतंसेन सूरीश्र्वरजी म सा जी* आज दिनांक 9 जनवरी 2017 को सुबह विहार कर *सुमेरपुर नगर* (राजस्थान,श्री शीवगंज जी तीर्थ से 3 कि मी दुर है) मे बिराजमान है, आगे विहार सुखधाम तीर्थ होते हुवे ,श्री जिरावला तीर्थ ओर विहार रहेगा, ✍🏽 ब्रजेश बोहरा नागदा

Sunday, January 1, 2017

*विहार सूचना व फतापुरा श्रीसंघ का निमत्रंण*

सौधर्म वृहत्तपोगच्छीय जैन श्वेतांबर मूर्तिपूजक त्रिस्तुतिक श्रीसंघ के *सुविशाल गच्छाधिपति* लोकसन्तश्री वर्तमानाचार्य *श्रीमद्वि जयन्तसेन सूरीश्र्वरजी म. सा जी* आदि विशाल श्रमण श्रमणी वृंद *1जनवरी 2017 को विहार कर *सुख धाम* मे बिराजमान, 2 जनवरी को विहार कर *जोगापुर नगर* मे बिराजमान रहेंगे *3 जनवरी 2017 को विहार कर सुबह 9 बजे श्री राजेन्द्र जयंत वाटिका फतापुरा पालडी रोड (अनिल जी राणावत के) फतापुरा नगर मे भव्य मंगल प्रवेश कर , गुरुसप्तमी पर्व कार्यक्रम मे निश्रा प्रदान करेंगे!* 🙏🏽फतापुरा श्रीसंघ आप सभी गुरु भक्तो को गुरुसप्तमी पर्व कार्यक्रम पर सादर आमंत्रित करता है!पधारो सा 🙏🏽सभी को जय जिनेन्द्र ✍🏽 ब्रजेश बोहरा नागदा