Wednesday, January 11, 2017

जीवन ज्योत कैंसर रिलीफ एंड केयर ट्रस्ट के संगीतमय कार्यक्रम में बच्चों ने लगाई ‘मस्ती की पाठशाला’

मुंबई/गोडवाड ज्योती: किसी को बिना किसी कारण के खुश करना इस दुनिया की सबसे पुरस्कृत भावनाओं में से एक भावना है और ऐसी विरल भावना विरल व्यक्तित्व के धारक ही कर पाने में सक्षम होते हैं| ऐसी ही छवि के धनी जीवन ज्योत ट्रस्ट के संयोजक श्री हरखभाई सांवला द्वारा कैंसर जैसी भयावह बीमारी से जूझते जीवन ज्योत बाल विकास मंच के मासूम चेहरों पर कुछ पल के लिए मुस्कुराहट लाने के लिये मनोरंजन संगीत कार्यक्रम का आयोजन 24 दिसम्बर को भाटणकर स्कुल-परेल के हॉल में किया गया। विदित हो कि जीवन ज्योत ट्रस्ट पिछले 32 वर्षों से कैंसर से लड़ते लोगों के लिए जाति-धर्म से परे सभी के लिए कार्य कर रहा है। मानव सेवा को संपूर्ण रूप से समर्पित ट्रस्ट द्वारा प्रतिदिन सैंकड़ो कैंसर मरीजो के परिवार को खाना, कपड़े, खिलौने आदि सहित मासिक दवाइयों का भी वितरण किया जाता है। किसी को अगर कैंसर होता है तो वह इंसान गम और मौत के डर के साए में जीने लग जाता है। किसी भी माता-पिता के लिए यह दुख सहन कर पाना आसान नही है कि उनके बच्चे को कैंसर है। दुनिया भर में बड़ों के मुकाबले बच्चों में कैंसर बहुत कम पाया जाता है लेकिन इस बात को भी झुठलाया नही जा सकता कि हर साल [पूरी दुनिया में] 1,60,000 बच्चों में इस बीमारी का पता चलता है और अमीर देशों में दुर्घटना के बाद यह बीमारी बच्चों की मौत की दूसरी सबसे बड़ी वजह है|
कहते हैं खुश रहने के लिए ज्यादा बड़ी चीजों की जरूरत नही होती, जरूरत होती है एक प्यारे से अहसास की। इसी अहसास को साक्षात करता यह कार्यक्रम शुरुआत से ही चरम पर था| हॉल की सुंदर सजावट में संगीत की सुरीली आवाज के साथ बच्चों ने कई खेलों का मजा लिया| नन्ही अलीशा की प्रार्थना और नृत्य ने सभी का मन मोह लिया| खाने में केक, पावभाजी, मिठाई, चॉकलेट आदि के बाद अनेक तोहफों ने बच्चों को अंत तक उत्साहित रखा| ‘मानव जीवन का सार दुसरो की भलाई में निहित है’ की श्रेष्ठ भावना से कार्यक्रम को यादगार बनाने में निर्मलाजी सांवला, संगीताजी मुणोत, सोनलजी मेहता, प्रग्नाजी जैन, सविताजी मुणोत, डॉ. इंदु, उर्वशी जैन आदि सभी ने अपना योगदान दिया| साथ ही घोषणा की गई कि बच्चों के सर्वांगीण विकास हेतु जल्द ही ‘मस्ती की पाठशाला’ का शुभारंभ किया जायेगा| इन सभी आगामी कार्यक्रमों की जानकारी देते हुए कार्यक्रम की रुपरेखा, संयोजन व संचालन ज्योतीजी मुणोत ने की|

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